Surabhi Kashyap, Stuti Sinha, Nikita Rai - BIYAH WALI GAARI 4 - текст песни, слова, перевод, видео

Исполнитель: Surabhi Kashyap, Stuti Sinha, Nikita Rai

Название песни: BIYAH WALI GAARI 4

Дата добавления: 11.01.2026 | 01:02:51

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Ознакомьтесь с текстом песни Surabhi Kashyap, Stuti Sinha, Nikita Rai - BIYAH WALI GAARI 4

दिन भर लूडो खेले,कभी खेले ताश हो
सरवा के गरीयइहा जनी, हवे बदमाश हो..
1
इनकर दीदीया खोजे लइका विदेशी
रतिया के रोजे उनका दारू चाहीं देसी
रोज-रोज इंस्टा पर रील डालेली,
लइकन के डीएम में दिल डालेली
गंउवा के जीवन उनका आवे नाहीं रास हो
सरवा के गरियइहा जनीं हवे बदमाश हो
2
इनकर मम्मी के बा बड़ी भारी नखरा
सासु से अलगा आपन मांगsतारी बखरा
दिन भर ससुर से जूझेली
मरद के नाहीं कुछ बुझेली
फैशन में पैसा सगरी कई दिहली नाश हो
सरवा के गरीयइहा जनी,हवे बदमाश हो।
3
इनकर भाभी घर में लफड़ा लगावेली
नैहर से रोजे आपन भाई के बोलावेली
सूत के उठे दुपहरिया में
पार्लर जाली शहरिया में
हसबैंड के अपना नाही लेबे देली सांस हो
सरवा के गरियइहा....